मन प्रवाह
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Thursday, March 24, 2016
मन
मन के खालीपन को जितना भरने की कोशिश करते हैं, उतना ही खालीपन बढ़ता जाता है। पानी की तरह हर खुशी ऊपरी सतह पर तैरती महसूस होती है।
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