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Sunday, June 19, 2016

जिंदगी के रंग

जिंदगी हर पल एक नया रंग लेकर सामने आती है। लाल रंग खुशी का है तो काला रंग, र्ंजो-गम से भरा है। हरा रंग हर ओर खुशियाली से भरा होता है, लेकिन क्या वास्तव में जिंदगी के ये रंग वही भाव देते हैं?
कभी कभी मन सोचता है, क्यूँ नहीं एक रंग कुछ समय तक हमारा साथ देता है। परिवर्तन का नियम क्यूँ सबकी जिंदगी पर एक सा लागू नहीं होता है। 

Thursday, December 31, 2015

क्या कहूँ...

...क्या कहूँ और क्या न कहूँ, इसी सोच में हमेशा मन उलझता रहता है। कभी लगता है,,,,,शायद, बहुत कुछ सोच लिया, लेकिन कुछ न कहा, तो कभी लगता है, कुछ न सोचते हुए भी बहुत कुछ कह दिया।
मन की उलझनों का कोई अंत नहीं है, और वहीं दूसरी ओर इन उलझनों के जवाबों का भी कोई अंत नहीं है।
शायद ज़िंदगी, इसी का नाम है.......